१.
आज एक रात --
आज एक रात --
सूरज को ढूंढने चली है
और मैं अकेली
एक दुआ बन कर
इस राह पर खड़ी हूं
.......
२.
जब हर सितारा --
जब हर सितारा --
हर गर्दिश से गुज़र कर
तेरे सूरज के पास आने लगे
तो समझना
यह मेरी जुस्तजु है
जो हर सितारे में नुमायां हो रही...
-"सातवीं किरण" से साभार-
.......
आज एक रात --
आज एक रात --
सूरज को ढूंढने चली है
और मैं अकेली
एक दुआ बन कर
इस राह पर खड़ी हूं
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२.
जब हर सितारा --
जब हर सितारा --
हर गर्दिश से गुज़र कर
तेरे सूरज के पास आने लगे
तो समझना
यह मेरी जुस्तजु है
जो हर सितारे में नुमायां हो रही...
-"सातवीं किरण" से साभार-
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